जिसे देखकर स्वयं श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा था ये महावीर तुमसे बहुत बड़ा योद्धा है विश्व का सर्वश्रेष्ठ योद्धा
महाभारत का सबसे महान योद्धा : यह घटना महाभारतकाल की है, युद्ध का अंतिम पड़ाव चल रहा था कौरव सेना की ओर से कर्ण युद्ध कर रहे थे अर्जुन से । दोनों ओर से भीषण बाणवर्षा हो रही थी । तभी अर्जुन का चलाया एक अस्त्र कर्ण के रथ से जा टकराया और सैकड़ो फुट दूर जा खिसका, इसपर अर्जुन, कृष्ण की ओर प्रशंशा पाने की दृष्टि से देखते हैं पर भगवान शांत रहे ।
sabse bada yodha महाभारत का सबसे महान योद्धा
थोड़ी देर बाद कर्ण ने प्रतिक्रिया दी और तीर अर्जुन के रथ से टकरा गया और रथ कुछ गज खिसक गया तब श्रीकृष्ण कहते हैं वाह कर्ण निश्चय ही तुम महावीर हो। उनकी इस बात पर अर्जुन ने सवाल किया प्रभु मैंने उसका रथ सैकड़ों फुट दूर फेंक दिया तब तो आप शांत रहे लेकिन जब हमारा रथ केवल कुछ गज खिसका तो ऐसी प्रतिक्रिया क्यों?
तब भगवान ने जो कहा वो वाकई अर्जुन की आंखे खोलने वाला था, वो बोले अर्जुन तुम्हारे रथ पर तीनों लोकों का स्वामी स्वयं मैं सवार हूँ, ध्वजा पर महाबली हनुमान बिराजमान हैं फिर भी अपने कवच कुंडल के बिना लड़ रहे कर्ण ने रथ को कुछ गज खिसका दिया और वह अपने रथ पर अकेला है । इसीलिए अभावों में संघर्ष कर बड़ा हुआ कर्ण महावीर है, सर्वश्रेष्ठ योद्धा का प्रबल दावेदार है ।