रावण की मृत्यु का कारण सीता ही नहीं बल्कि उसकी बहन भी थी
महान शक्तिशाली रावण को सभी जानते है उसने सीता का हरण किया जिससे वह श्री राम के हाथों मारा गया लेकिन एक सच्चाई यह भी है रावण की मृत्यु का कारण उसकी बहन का श्राप भी था। रावण के दुराचार से उसका भाई विभीषण और पत्नी मंदोदरी हमेशा दुखी रहती थी लेकिन उनके समझाने पर भी रावण किसी की नहीं सुनता था। वह स्वयं को सबसे श्रेष्ठ समझता था बह्रमा के वरदान से उसे कोई मार नहीं सकता था क्योंकि उसकी मृत्यु का राज कोई नहीं जान सकता था।
रावण के साथ उसके दोनों भाई विभीषण और कुम्भकरण ने भी बह्रमा को प्रसन्न किया था रावण की नाभि में जीवन अमृत स्थापित था यह रहस्य मात्र उसके दोनों भाई जानते थे और विभीषण जो भक्ति में लीन रहने वाला सदाचारी राजा था उसने माता सीता जो श्री राम को सौंपने की बात कही तो रावण ने उसे कायर कहते हुए लंका से बहार निकाल दिया था।
जब विभीषण की मुलाकात राम से हुई तो उन्होंने उसे अपना राज्य वापस दिलाने का वचन दिया। विभीषण ने ही श्री राम को रावण के मारने का राज बताया था रावण की एक बहन थी जिसका नाम शूर्पणखा था और उसका विवाह विद्युतजिव्ह के साथ हुआ जो कालकेय राजा के यहाँ सेनापति का पद सँभालते थे।
जब रावण विश्वविजय के लिए निकला तो उसने कई राजाओं को पल भर में हरा दिया था उसने समस्त संसार से क्षत्रिय का नाश कर दिया। लेकिन इसी बीच रावण से एक भूल हो गयी थी जिसके कारण रावण की बहन ने अपने भाई को श्राप दे दिया कि तूने मेरे पति को मुझसे छीना है इसलिए मेरे कारण ही तेरा भी सर्वनाश होगा।
जब श्री राम वनवास भोग रहे होते है उस समय शूर्पणखा लक्ष्मण पर मोहित हो जाती है और विवाह का प्रस्ताव रखती है लेकिन लक्ष्मण खुद को श्री राम के सेवक बता देते है। इसलिए शूर्पणखा राम से विवाह करने को कहती है लेकिन राम मर्यादा पुरुषोत्तम होने से मना कर देते है इसी बीच शूर्पणखा के बार-बार आग्रह करने पर लक्ष्मण उसकी नाक और कान काट देते है जब रावण को इस बात का पता चलता है तो वह बदला लेने के लिए सीता का हरण करके लंका ले जाता है।
इस तरह रावण की बहन ही उसकी मृत्यु का एक कारण बन जाती है यदि आपको यह जानकारी पसंद आए और ऐसी अनसुनी पौराणिक कथा को पढ़ने के लिए फॉलो का बटन दबाए।