डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन परिचय : Sarvepalli Radhakrishnan Biography
- जन्म : 5 सितम्बर 1888
- कार्यकाल : 13 मई 1962 से 13 मई 1967
- देहांत : 17 अप्रैल 1975
डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के दुसरे राष्ट्रपति थे इनका जन्म 5 सितम्बर 1888 में दक्षिण भारत के तमिलनाडु में तिरुट्टनी नामक जगह में हुआ था. डॉ॰राधाकृष्णन एक गरीब किन्तु विद्वान ब्राह्मण की संतान थे इनके पिता का नाम सर्वपल्ली वीरास्वामी और माता का नाम सीताम्मा था. 1903 में 16 वर्ष की आयु में ही उनका विवाह सिवाकामू के साथ सम्पन्न हो गया।
फिर ये अपनी पढाई को आगे बढ़ाते हुए ये दर्शनशास्त्र में एम०ए० करने के पश्चात् 1916 में वे मद्रास रेजीडेंसी कॉलेज में दर्शनशास्त्र के सहायक प्राध्यापक नियुक्त हुए। बाद में उसी कॉलेज में वे प्राध्यापक भी रहे। डॉ॰ राधाकृष्णन समूचे विश्व को एक विद्यालय मानते थे। उनका मानना था कि शिक्षा के द्वारा ही मानव मस्तिष्क का सदुपयोग किया जा सकता है।
अत: विश्व को एक ही इकाई मानकर शिक्षा का प्रबन्धन करना चाहिए. 1928 की शीत ऋतु में इनकी प्रथम मुलाक़ात पण्डित जवाहर लाल नेहरू से उस समय हुई, जब वह कांग्रेस पार्टी के वार्षिक अधिवेशन में सम्मिलित होने के लिये कलकत्ता आए हुए थे। यद्यपि सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय शैक्षिक सेवा के सदस्य होने के कारण किसी भी राजनीतिक संभाषण में हिस्सेदारी नहीं कर सकते थे, तथापि उन्होंने इस वर्जना की कोई परवाह नहीं की और भाषण दिया।
यह सर्वपल्ली राधाकृष्णन की ही प्रतिभा थी कि स्वतन्त्रता के बाद इन्हें संविधान निर्मात्री सभा का सदस्य बनाया गया। वे 1947 से 1949 तक इसके सदस्य रहे।डॉ॰ राधाकृष्णन ने अपने लेखों और भाषणों के माध्यम से विश्व को भारतीय दर्शन शास्त्र से परिचित कराया। सारे विश्व में उनके लेखों की प्रशंसा की गयी।ये भारतीय संस्कृति के के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक और एक आस्थवान हिन्दू विचारक थे.इन्हें इन्ही गुणो के कारण 1954 में भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाजा इसीलिए 5 सितम्बर को भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है.
1962 में जब वे राष्ट्रपति बने थे, तब कुछ शिष्य और प्रशंसक उनके पास गये और उन्होँने उनसे निवेदन किया कि वे उनके जन्म दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा- 'मेरे जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने से निश्चय ही मैं अपने को गौरवान्वित अनुभव करूँगा।' सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने 13 मई 1967 को इन्होने राष्ट्रपति पद से अवकाश ले लिया. इन्होने राष्ट्रपति पद के कार्यकाल को बहुत अच्छे सम्भाला था.
डॉ॰ सर्वपल्ली राधकृष्णन का देहांत 17 अप्रैल 1975 को हुआ था. हम सभी भारतवासियों को इन पर गर्व है.